Crime News: सोशल मीडिया पर बना गैंग, इंस्टाग्राम पर हुई 9 करोड़ की डकैती की प्लानिंग
पुलिस ने बताया कि मास्टरमाइंड ने पूरी योजना फोन पर बनाई थी। एक आरोपी, जो गुरुग्राम के बारे में पूरी जानकारी रखता था, को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस को गुमराह करने के लिए वह सरदार का भेष बनाकर आया था

Crime News: शीतला माता रोड पर स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन शाखा में हुई 9 करोड़ रुपये की हाई-प्रोफाइल डकैती का खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ में पता चला है कि इस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए अपराधियों ने इंस्टाग्राम का इस्तेमाल किया।
पुलिस की क्राइम ब्रांच सेक्टर-10 ने मंगलवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश किया। गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि गैंग के सभी 10 सदस्य एक-दूसरे से अनजान थे और उनकी पहली मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी। इस वारदात का मास्टरमाइंड भी उनसे कभी नहीं मिला और उसने सभी को इंस्टाग्राम पर एक गुप्त ग्रुप बनाकर जोड़ा।
मास्टरमाइंड ने प्रत्येक सदस्य को उनकी भूमिका के अनुसार काम सौंपा था। आरोपियों ने बताया कि डकैती से पहले मास्टरमाइंड ने सभी को सोनीपत के एक गांव में मिलने के लिए बुलाया था, लेकिन वह खुद वहां नहीं आया। इस मुलाकात के बाद ही उन्होंने शनिवार को वारदात को अंजाम दिया। यह डकैती इस बात का प्रमाण है कि अपराधी अब बिना व्यक्तिगत संपर्क के भी बड़े अपराधों को अंजाम देने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहन उर्फ मोहना (22), राहुल उर्फ बेहरा (21) और सन्नी उर्फ सुनील (20) के रूप में की है। इन तीनों को बुधवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान उनसे बाकी फरार आरोपियों और लूटे गए सोने के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
जांच में यह भी सामने आया है कि एक आरोपी, मनीष, वारदात के दौरान शाखा में मौजूद था और उसके पास पिस्टल थी। कर्मचारी के सिर पर बट मारते समय गलती से गोली चल गई, जिससे उसके हाथ में चोट लगी और हड्डी टूट गई। आरोपी मनीष को पुलिस हिरासत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पूछताछ में यह भी पता चला है कि डकैती को अंजाम देने के लिए 10 बदमाश एक सफेद बोलेरो कार में आए थे। वारदात के बाद, जब बदमाश बाहर आए तो उनकी कार खराब हो गई थी। इसके बाद वे ऑटो में बैठकर फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि मास्टरमाइंड ने पूरी योजना फोन पर बनाई थी। एक आरोपी, जो गुरुग्राम के बारे में पूरी जानकारी रखता था, को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस को गुमराह करने के लिए वह सरदार का भेष बनाकर आया था, जबकि वह वास्तव में सरदार नहीं है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मोहन उर्फ मोहना के खिलाफ सोनीपत में हत्या के प्रयास समेत 6 मामले दर्ज हैं, जबकि सन्नी के खिलाफ मारपीट और लड़ाई-झगड़े के तीन मामले दर्ज हैं।